मुकाशफ़ा 19:17 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201917 फिर मैंने एक फ़रिश्ते को आफ़ताब पर खड़े हुए देखा। और उसने बड़ी आवाज़ से चिल्ला कर आसमान में के सब उड़नेवाले परिन्दों से कहा, “आओं, ख़ुदा की बड़ी दावत में शरीक होने के लिए जमा हो जाओ; Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा17 फिर मैंने एक फ़रिश्ता को आफ़ताब पर खड़े हुए देखा। उस ने फ़िज़ा में उड़ने वाले तमाम परिन्दों से बुलन्द आवाज़ से चला कर कहा, “आओ और ख़ुदा की बड़ी ज़ियाफ़त में शरीक होने के लिये जमा हो जाओ, Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस17 फिर मैंने एक फ़रिश्ता सूरज पर खड़ा देखा। उसने ऊँची आवाज़ से पुकारकर उन तमाम परिंदों से जो मेरे सर पर मँडला रहे थे कहा, “आओ, अल्लाह की बड़ी ज़ियाफ़त के लिए जमा हो जाओ। Viz kapitola |