मुकाशफ़ा 15:3 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20193 और वो ख़ुदा के बन्दे मूसा का गीत, और बर्रे का गीत गा गा कर कहते थे, “ऐ ख़ुदा! क़ादिर — ए — मुतल्लिक़! तेरे काम बड़े और 'अजीब हैं। ऐ अज़ली बादशाह! तेरी राहें रास्त और दुरुस्त हैं।” Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा3 और वो ख़ुदा के ख़ादिम मूसा का नग़मा और बर्रे का नग़मा गा रहे थे, आप के काम कितने अज़ीम और अजीब हैं, “ऐ ख़ुदावन्द ख़ुदा, क़ादिर-ए-मुतलक़, तेरी राहें बरहक़ और रास्त हैं। ऐ अज़ली बादशाह, Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस3 अल्लाह के ख़ादिम मूसा और लेले का गीत गा रहे थे, “ऐ रब क़ादिरे-मुतलक़ ख़ुदा, तेरे काम कितने अज़ीम और हैरतअंगेज़ हैं। ऐ ज़मानों के बादशाह, तेरी राहें कितनी रास्त और सच्ची हैं। Viz kapitola |