मुकाशफ़ा 14:15 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201915 फिर एक और फ़रिश्ते ने मक़्दिस से निकलकर उस बादल पर बैठे हुए एक बड़ी आवाज़ के साथ पुकार कर कहा, “अपनी दरान्ती चलाकर काट, क्यूँकि काटने का वक़्त आ गया, इसलिए कि ज़मीन की फ़सल बहुत पक गई।” Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा15 फिर बैतुलमुक़द्दस में से एक और फ़रिश्ता बाहर निकला और उस ने बादल पर बैठे हुए शख़्स को बुलन्द आवाज़ से पुकार कर कहा, “अपनी दरांती चला और फ़सल काट, क्यूंके फ़सल काटने का वक़्त आ गया है, इसलिये के ज़मीन की फ़सल पक गई है।” Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस15 एक और फ़रिश्ता अल्लाह के घर से निकलकर ऊँची आवाज़ से पुकारकर उससे मुख़ातिब हुआ जो बादल पर बैठा था, “अपनी दराँती लेकर फ़सल की कटाई कर! क्योंकि फ़सल काटने का वक़्त आ गया है और ज़मीन पर की फ़सल पक गई है।” Viz kapitola |