मुकाशफ़ा 13:14 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201914 और ज़मीन के रहनेवालों को उन निशानों की वजह से, जिनके उस हैवान के सामने दिखाने का उसको इख़्तियार दिया गया था, इस तरह गुमराह कर देता था कि ज़मीन के रहनेवालों से कहता था कि जिस हैवान के तलवार लगी थी और वो ज़िन्दा हो गया, उसका बुत बनाओ। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा14 और ज़मीन के बाशिन्दों को उन मोजिज़ों और निशानात के सबब से, जिन्हें उस हैवान के सामने दिखाने का उस को क़ुव्वत दी गई था, और उन के ज़रीअः उस ने ज़मीन के सब बाशिन्दों को गुमराह किया था। और ज़मीन के सब बाशिन्दों को हुक्म देता था के जिस हैवान को तलवार का ज़ख़्मे-कारी लगा था वो ज़िन्दा हो गया है, इसलिये उस की ताज़ीम में बुत बनाओ। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस14 यों उसे पहले हैवान की ख़ातिर मोजिज़ाना निशान दिखाने का इख़्तियार दिया गया, और इनके ज़रीए उसने ज़मीन के बाशिंदों को सहीह राह से बहकाया। उसने उन्हें कहा कि वह उस हैवान की ताज़ीम में एक मुजस्समा बना दें जो तलवार से ज़ख़मी होने के बावुजूद दुबारा ज़िंदा हुआ था। Viz kapitola |