मुकाशफ़ा 1:18 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201918 और ज़िन्दा हूँ। मैं मर गया था, और देख हमेशा से हमेशा तक रहूँगा; और मौत और 'आलम — ए — अर्वाह की कुन्जियाँ मेरे पास हैं। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा18 मैं ज़िन्दा हूं; मैं मर गया था लेकिन देख मैं अबद तक ज़िन्दा रहूंगा। मौत और आलमे-अर्वाह की कुन्जियां मेरे पास हैं। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस18 मैं वह हूँ जो ज़िंदा है। मैं तो मर गया था लेकिन अब देख, मैं अबद तक ज़िंदा हूँ। और मौत और पाताल की कुंजियाँ मेरे हाथ में हैं। Viz kapitola |