ज़बूर 6:7 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20197 मेरी आँख ग़म के मारे बैठी जाती हैं, और मेरे सब मुख़ालिफ़ों की वजह से धुंधलाने लगीं। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस7 ग़म के मारे मेरी आँखें सूज गई हैं, मेरे मुख़ालिफ़ों के हमलों से वह ज़ाया होती जा रही हैं। Viz kapitola |