ज़बूर 5:4 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20194 क्यूँकि तू ऐसा ख़ुदा नहीं जो शरारत से खु़श हो। गुनाह तेरे साथ नहीं रह सकता। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस4 क्योंकि तू ऐसा ख़ुदा नहीं है जो बेदीनी से ख़ुश हो। जो बुरा है वह तेरे हुज़ूर नहीं ठहर सकता। Viz kapitola |