ज़बूर 4:4 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20194 थरथराओ और गुनाह न करो; अपने अपने बिस्तर पर दिल में सोचो और ख़ामोश रहो। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस4 ग़ुस्से में आते वक़्त गुनाह मत करना। अपने बिस्तर पर लेटकर मामले पर सोच-बिचार करो, लेकिन दिल में, ख़ामोशी से। (सिलाह) Viz kapitola |