ज़बूर 146:8 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20198 ख़ुदावन्द अन्धों की आँखें खोलता है; ख़ुदावन्द झुके हुए को उठा खड़ा करता है; ख़ुदावन्द सादिक़ों से मुहब्बत रखता है। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस8 रब अंधों की आँखें बहाल करता और ख़ाक में दबे हुओं को उठा खड़ा करता है, रब रास्तबाज़ को प्यार करता है। Viz kapitola |