ज़बूर 144:1 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20191 ख़ुदावन्द मेरी चट्टान मुबारक हो, जो मेरे हाथों को जंग करना, और मेरी उँगलियों को लड़ना सिखाता है। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस1 दाऊद का ज़बूर। रब मेरी चटान की हम्द हो, जो मेरे हाथों को लड़ने और मेरी उँगलियों को जंग करने की तरबियत देता है। Viz kapitola |