ज़बूर 143:4 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20194 इसी वजह से मुझ में मेरी जान निढाल है; और मेरा दिल मुझ में बेकल है। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस4 मेरे अंदर मेरी रूह निढाल है, मेरे अंदर मेरा दिल दहशत के मारे बेहिसो-हरकत हो गया है। Viz kapitola |