ज़बूर 143:2 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20192 और अपने बन्दे को 'अदालत में न ला, क्यूँकि तेरी नज़र में कोई आदमी रास्तबाज़ नहीं ठहर सकता। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस2 अपने ख़ादिम को अपनी अदालत में न ला, क्योंकि तेरे हुज़ूर कोई भी जानदार रास्तबाज़ नहीं ठहर सकता। Viz kapitola |