ज़बूर 135:6 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20196 आसमान और ज़मीन में, समन्दर और गहराओ में; ख़ुदावन्द ने जो कुछ चाहा वही किया। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस6 रब जो जी चाहे करता है, ख़ाह आसमान पर हो या ज़मीन पर, ख़ाह समुंदरों में हो या गहराइयों में कहीं भी हो। Viz kapitola |