ज़बूर 12:8 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20198 जब बनी आदम में पाजीपन की क़द्र होती है, तो शरीर हर तरफ़ चलते फिरते हैं। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस8 गो बेदीन आज़ादी से इधर उधर फिरते हैं, और इनसानों के दरमियान कमीनापन का राज है। Viz kapitola |