ज़बूर 12:1 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20191 ऐ ख़ुदावन्द! बचा ले क्यूँकि कोई दीनदार नहीं रहा और अमानत दार लोग बनी आदम में से मिट गये। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस1 दाऊद का ज़बूर। मौसीक़ी के राहनुमा के लिए। तर्ज़ : शमीनीत। ऐ रब, मदद फ़रमा! क्योंकि ईमानदार ख़त्म हो गए हैं। दियानतदार इनसानों में से मिट गए हैं। Viz kapitola |