ज़बूर 10:6 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20196 वह अपने दिल में कहता है, “मैं जुम्बिश नहीं खाने का; नसल दर नसल मुझ पर कभी मुसीबत न आएगी।” Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस6 दिल में वह सोचता है, “मैं कभी नहीं डगमगाऊँगा, नसल-दर-नसल मुसीबत के पंजों से बचा रहूँगा।” Viz kapitola |