ज़बूर 1:2 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20192 बल्कि ख़ुदावन्द की शरी'अत में ही उसकी ख़ुशी है; और उसी की शरी'अत पर दिन रात उसका ध्यान रहता है। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस2 बल्कि रब की शरीअत से लुत्फ़अंदोज़ होता और दिन-रात उसी पर ग़ौरो-ख़ौज़ करता रहता है। Viz kapitola |