अम्सा 29:9 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20199 अगर 'अक़्लमंद बेवक़ूफ़ से बहस करे, तो ख़्वाह वह क़हर करे ख़्वाह हँसे, कुछ इत्मिनान होगा। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस9 जब दानिशमंद आदमी अदालत में अहमक़ से लड़े तो अहमक़ तैश में आ जाता या क़हक़हा लगाता है, सुकून का इमकान ही नहीं होता। Viz kapitola |