अम्सा 29:18 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201918 जहाँ रोया नहीं वहाँ लोग बेकैद हो जाते हैं, लेकिन शरी'अत पर 'अमल करने वाला मुबारक है। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस18 जहाँ रोया नहीं वहाँ क़ौम बेलगाम हो जाती है, लेकिन मुबारक है वह जो शरीअत के ताबे रहता है। Viz kapitola |