अम्सा 17:9 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20199 जो ख़ता पोशी करता है मुहब्बत का तालिब है, लेकिन जो ऐसी बात को बार बार छेड़ता है, दोस्तों में जुदाई डालता है। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस9 जो दूसरे की ग़लती को दरगुज़र करे वह मुहब्बत को फ़रोग़ देता है, लेकिन जो माज़ी की ग़लतियाँ दोहराता रहे वह क़रीबी दोस्तों में निफ़ाक़ पैदा करता है। Viz kapitola |