अम्सा 15:5 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20195 बेवक़ूफ़ अपने बाप की तरबियत को हक़ीर जानता है, लेकिन तम्बीह का लिहाज़ रखने वाला होशियार हो जाता है। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस5 अहमक़ अपने बाप की तरबियत को हक़ीर जानता है, लेकिन जो नसीहत माने वह दानिशमंद है। Viz kapitola |