अम्सा 10:16 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201916 सादिक़ की मेहनत ज़िन्दगानी का ज़रिया' है, शरीर की इक़बालमंदी गुनाह कराती है। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस16 जो कुछ रास्तबाज़ कमा लेता है वह ज़िंदगी का बाइस है, लेकिन बेदीन अपनी रोज़ी गुनाह करने के लिए इस्तेमाल करता है। Viz kapitola |