फ़िलिप्पियों 4:8 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20198 ग़रज़ ऐ भाइयों! जितनी बातें सच हैं, और जितनी बातें शराफ़त की हैं, और जितनी बातें वाजिब हैं, और जितनी बातें पाक हैं, और जितनी बातें पसन्दीदा हैं, और जितनी बातें दिलकश हैं; ग़रज़ जो नेकी और ता 'रीफ़ की बातें हैं, उन पर ग़ौर किया करो। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा8 ग़रज़, ऐ भाईयो और बहनों! जितनी बातें सच हैं, लाइक़ हैं, मुनासिब हैं, पाक हैं, दिलकश और पसन्दीदा हैं यानी जो अच्छी और क़ाबिले-तारीफ़ हैं, उन ही बातों पर ग़ौर किया करो। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस8 भाइयो, एक आख़िरी बात, जो कुछ सच्चा है, जो कुछ शरीफ़ है, जो कुछ रास्त है, जो कुछ मुक़द्दस है, जो कुछ पसंदीदा है, जो कुछ उम्दा है, ग़रज़, अगर कोई अख़लाक़ी या क़ाबिले-तारीफ़ बात हो तो उसका ख़याल रखें। Viz kapitola |