गिनती 5:29 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201929 “ग़ैरत के बारे में यही शरा' है, चाहे 'औरत अपने शौहर की होती हुई गुमराह होकर नापाक हो जाए या मर्द पर ग़ैरत सवार हो, Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस29-30 चुनाँचे ऐसा ही करना है जब शौहर ग़ैरत खाए और उसे अपनी बीवी पर ज़िना का शक हो। बीवी को क़ुरबानगाह के सामने खड़ा किया जाए और इमाम यह सब कुछ करे। Viz kapitola |