गिनती 36:12 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201912 या'नी वह यूसुफ़ के बेटे मनस्सी की नसल के ख़ान्दानों में ब्याही गई, और उनकी मीरास, उनके आबाई ख़ान्दान के क़बीले में क़ाईम रही। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस12 चूँकि वह भी मनस्सी के क़बीले के थे इसलिए यह मौरूसी ज़मीन सिलाफ़िहाद के क़बीले के पास रही। Viz kapitola |