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गिनती 30:13 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 2019

13 उसकी हर मिन्नत को और अपनी जान को दुख देने की हर क़सम को उसका शौहर चाहे तो क़ाईम रख्खे, या अगर चाहे तो बातिल ठहराए।

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किताब-ए मुक़द्दस

13 चाहे बीवी ने कुछ देने की मन्नत मानी हो या किसी चीज़ से परहेज़ करने की क़सम खाई हो, उसके शौहर को उस की तसदीक़ या उसे मनसूख़ करने का इख़्तियार है।

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गिनती 30:13

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