गिनती 22:26 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201926 तब ख़ुदावन्द का फ़रिश्ता आगे बढ़ कर एक ऐसे तंग मक़ाम में खड़ा हो गया, जहाँ दहनी या बाई तरफ़ मुड़ने की जगह न थी। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस26 रब का फ़रिश्ता आगे निकला और तीसरी मरतबा रास्ते में खड़ा हो गया। अब रास्ते से हट जाने की कोई गुंजाइश नहीं थी, न दाईं तरफ़ और न बाईं तरफ़। Viz kapitola |