गिनती 2:17 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201917 “फिर ख़ेमा — ए — इजितमा'अ लावियों की छावनी के साथ जो और छावनियों के बीच में होगी आगे जाए और जिस तरह से लावी ख़ेमे लगाएँ उसी तरह से वह अपनी — अपनी जगह और अपने — अपने झंडे के पास — पास चलें। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस17 इन जुनूबी क़बीलों के बाद लावी मुलाक़ात का ख़ैमा उठाकर क़बीलों के ऐन बीच में चलते थे। क़बीले उस तरतीब से रवाना होते थे जिस तरतीब से वह अपने ख़ैमे लगाते थे। हर क़बीला अपने अलम के पीछे चलता था। Viz kapitola |