मरक़ुस 6:56 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201956 और वो गाँव शहरों और बस्तियों में जहाँ कहीं जाता था लोग बीमारों को राहों में रख कर उसकी मिन्नत करते थे कि वो सिर्फ़ उसकी पोशाक का किनारा छू लें और जितने उसे छूते थे शिफ़ा पाते थे। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा56 और हुज़ूर ईसा गांव या शहरों या बस्तीयों में जहां कहीं जाते थे लोग बीमारों को बाज़ारों में रास्तों पर रख देते थे। और उन की मिन्नत करते थे के उन्हें सिर्फ़ अपनी पोशाक, का किनारा छू लेने दें और जितने हुज़ूर ईसा छू लेते थे। शिफ़ा पा जाते थे। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस56 जहाँ भी वह गया चाहे गाँव, शहर या बस्ती में, वहाँ लोगों ने बीमारों को चौकों में रखकर उससे मिन्नत की कि वह कम अज़ कम उन्हें अपने लिबास के दामन को छूने दे। और जिसने भी उसे छुआ उसे शफ़ा मिली। Viz kapitola |