मरक़ुस 3:29 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201929 लेकिन जो कोई रूह — उल — क़ुददूस के हक़ में कुफ़्र बके वो हसेशा तक मु'आफ़ी न पाएगा; बल्कि वो हमेशा गुनाह का क़ुसूरवार है।” Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा29 लेकिन पाक रूह के ख़िलाफ़ कुफ़्र बकने वाला एक अब्दी गुनाह का मुर्तकिब होता है; इसलिये वह हरगिज़ न बख़्शा जायेगा।” Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस29 लेकिन जो रूहुल-क़ुद्स के ख़िलाफ़ कुफ़र बके उसे अबद तक मुआफ़ी नहीं मिलेगी। वह एक अबदी गुनाह का क़ुसूरवार ठहरेगा।” Viz kapitola |