मरक़ुस 14:1 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20191 दो दिन के बाद फ़सह और 'ईद — ए — फ़ितर होने वाली थी और सरदार काहिन और फ़क़ीह मौक़ा ढूँड रहे थे कि उसे क्यूँकर धोखे से पकड़ कर क़त्ल करें। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा1 दो दिन के बाद ईद-ए-फ़सह और ईद-ए-फ़तीर होने वाली थी, और अहम-काहिन और शरीअत के आलिम मौक़ा ढूंड रहे थे के हुज़ूर को किस तरह फ़रेब से पकड़ लें और क़त्ल कर दें। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस1 फ़सह और बेख़मीरी रोटी की ईद क़रीब आ गई थी। सिर्फ़ दो दिन रह गए थे। राहनुमा इमाम और शरीअत के उलमा ईसा को किसी चालाकी से गिरिफ़्तार करके क़त्ल करने की तलाश में थे। Viz kapitola |