मत्ती 7:3 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20193 तू क्यूँ अपने भाई की आँख के तिनके को देखता है और अपनी आँख के शहतीर पर ग़ौर नहीं करता? Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा3 “तुम अपने भाई की आंख का तिनका क्यूं देखते हो जब के तुम्हारी अपनी आंख में शहतीर है जिस का तुम ख़्याल तक नहीं करते? Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस3 तू क्यों ग़ौर से अपने भाई की आँख में पड़े तिनके पर नज़र करता है जबकि तुझे वह शहतीर नज़र नहीं आता जो तेरी अपनी आँख में है? Viz kapitola |