मत्ती 23:30 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201930 और कहते हो, ‘अगर हम अपने बाप दादा के ज़माने में होते तो नबियों के ख़ून में उनके शरीक न होते।’ Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा30 और कहते हो, ‘के अगर हम अपने बाप दादा के ज़माने में होते तो नबियों को क़त्ल करने में उन का साथ न देते।’ Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस30 और तुम कहते हो, ‘अगर हम अपने बापदादा के ज़माने में ज़िंदा होते तो नबियों को क़त्ल करने में शरीक न होते।’ Viz kapitola |