मत्ती 16:3 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20193 और सुबह को ये कि आज आन्धी चलेगी क्यूँकि आसमान लाल धुन्धला है तुम आसमान की सूरत में तो पहचान करना जानते हो मगर ज़मानो की अलामतों में पहचान नहीं कर सकते। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा3 और सुबह के वक़्त कहते हो के, ‘आज आंधी आयेगी क्यूंके आसमान सुर्ख़ है और धुंदला है।’ तुम आसमान का रंग देखकर मौसम का अन्दाज़ा लगाना तो जानते हो, लेकिन ज़मानों की अलामात को नहीं पहचान सकते। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस3 और सुबह के वक़्त कहते हो, ‘आज तूफ़ान होगा क्योंकि आसमान सुर्ख़ है और बादल छाए हुए हैं।’ ग़रज़ तुम आसमान की हालत पर ग़ौर करके सहीह नतीजा निकाल लेते हो, लेकिन ज़मानों की अलामतों पर ग़ौर करके सहीह नतीजे तक पहुँचना तुम्हारे बस की बात नहीं है। Viz kapitola |