लूक़ा 5:1 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20191 जब भीड़ उस पर गिरी पड़ती थी और ख़ुदा का कलाम सुनती थी, और वो गनेसरत की झील के किनारे खड़ा था तो ऐसा हुआ कि Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा1 एक दिन हुज़ूर ईसा गनेसरत की झील के किनारे खड़े थे और लोगों का एक हुजूम ख़ुदा का कलाम सुनने की ग़रज़ से आप पर गिरा पड़ता था। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस1 एक दिन ईसा गलील की झील गन्नेसरत के किनारे पर खड़ा हुजूम को अल्लाह का कलाम सुना रहा था। लोग सुनते सुनते इतने क़रीब आ गए कि उसके लिए जगह कम हो गई। Viz kapitola |