लूक़ा 11:46 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201946 उसने कहा, “ऐ शरा' के 'आलिमों! तुम पर भी अफ़सोस, कि तुम ऐसे बोझ जिनको उठाना मुश्किल है, आदमियों पर लादते हो और तुम एक उंगली भी उन बोझों को नहीं लगाते। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा46 हुज़ूर ईसा ने फ़रमाया, “ऐ शरीअत के आलिमों, तुम पर भी अफ़सोस क्यूंके तुम आदमियों पर ऐसे बोझ लादते हो जिन्हें उठाना बेहद मुश्किल होता है और तुम ख़ुद अपनी एक उंगली भी उन की मदद के वास्ते नहीं उठाते। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस46 ईसा ने जवाब दिया, “तुम शरीअत के आलिमों पर भी अफ़सोस! क्योंकि तुम लोगों पर भारी बोझ डाल देते हो जो मुश्किल से उठाया जा सकता है। न सिर्फ़ यह बल्कि तुम ख़ुद इस बोझ को अपनी एक उँगली भी नहीं लगाते। Viz kapitola |