अहबार 6:15 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201915 और वह नज़्र की क़ुर्बानी में से अपनी मुट्ठी भर इस तरह निकाले कि उसमें थोड़ा सा मैदा और कुछ तेल जो उसमें पड़ा होगा और नज़्र की क़ुर्बानी का सब लुबान आ जाए, और इस यादगारी के हिस्से को मज़बह पर ख़ुदावन्द के सामने राहतअंगेज ख़ुशबू के तौर पर जलाए। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस15 फिर इमाम यादगार का हिस्सा यानी तेल से मिलाया गया मुट्ठी-भर बेहतरीन मैदा और क़ुरबानी का तमाम लुबान लेकर क़ुरबानगाह पर जला दे। इसकी ख़ुशबू रब को पसंद है। Viz kapitola |