अहबार 25:32 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201932 तो भी लावियों के जो शहर हैं, लावी अपनी मिल्कियत के शहरों के मकानों को चाहे किसी वक़्त छुड़ा लें। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस32 लेकिन लावियों को यह हक़ हासिल है कि वह अपने वह घर हर वक़्त ख़रीद सकते हैं जो उनके लिए मुक़र्रर किए हुए शहरों में हैं। Viz kapitola |