अहबार 23:37 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201937 “यह ख़ुदावन्द की मुक़र्ररा 'ईदें हैं जिनमें तुम पाक मजम'ओं का 'ऐलान करना; ताकि ख़ुदावन्द के सामने आतिशी क़ुर्बानी, और सोख़्तनी क़ुर्बानी, और नज़्र की क़ुर्बानी और जबीहा और तपावन हर एक अपने अपने मुअ'य्यन दिन में पेश किया जाए। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस37 यह रब की ईदें हैं जिन पर तुम्हें मुक़द्दस इजतिमा करना है ताकि रब को रोज़मर्रा की मतलूबा जलनेवाली क़ुरबानियाँ और मै की नज़रें पेश की जाएँ यानी भस्म होनेवाली क़ुरबानियाँ, ग़ल्ला की नज़रें, ज़बह की क़ुरबानियाँ और मै की नज़रें। Viz kapitola |