अहबार 22:13 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201913 लेकिन अगर काहिन की बेटी बेवा हो जाए, या मुतल्लक़ा हो और बे — औलाद हो, और लड़कपन के दिनों की तरह अपने बाप के घर में फिर आ कर रहे तो वह अपने बाप के खाने में से खाए; लेकिन कोई अजनबी उसे न खाए। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस13 लेकिन हो सकता है कि वह बेवा या तलाक़याफ़्ता हो और उसके बच्चे न हों। जब वह अपने बाप के घर लौटकर वहाँ ऐसे रहेगी जैसे अपनी जवानी में तो वह अपने बाप के उस खाने में से खा सकती है जो क़ुरबानियों में से बाप का हिस्सा है। लेकिन जो इमाम के ख़ानदान का फ़रद नहीं है उसे खाने की इजाज़त नहीं है। Viz kapitola |