अहबार 2:13 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201913 और तू अपनी नज़्र की क़ुर्बानी के हर हदिये को नमकीन बनाना, और अपनी किसी नज़्र की क़ुर्बानी को अपने ख़ुदा के 'अहद के नमक बग़ैर न रहने देना; अपने सब हदियों के साथ नमक भी पेश करना। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस13 ग़ल्ला की हर नज़र में नमक हो, क्योंकि नमक उस अहद की नुमाइंदगी करता है जो तेरे ख़ुदा ने तेरे साथ बाँधा है। तुझे हर क़ुरबानी में नमक डालना है। Viz kapitola |