अहबार 18:26 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201926 लिहाज़ा तुम मेरे आईन और अहकाम को मानना और तुम में से कोई, चाहे वह देसी हो या परदेसी जो तुम में क़याम रखता हो, इन मकरूहात में से किसी काम को न करे; Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस26 लेकिन तुम मेरी हिदायात और अहकाम के मुताबिक़ चलो। न देसी और न परदेसी ऐसी कोई घिनौनी हरकत करें। Viz kapitola |