नोहा 4:2 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20192 सिय्यून के 'अज़ीज़ फ़र्ज़न्द, जो ख़ालिस सोने की तरह थे, कैसे कुम्हार के बनाए हुए बर्तनों के बराबर ठहरे! Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस2 पहले तो सिय्यून के गिराँक़दर फ़रज़ंद ख़ालिस सोने जैसे क़ीमती थे, लेकिन अब वह गोया मिट्टी के बरतन समझे जाते हैं जो आम कुम्हार ने बनाए हैं। Viz kapitola |