योएल 2:2 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20192 अंधेरे और तारीकी का दिन, काले बादल और जु़ल्मात का दिन है! एक बड़ी और ज़बरदस्त उम्मत जिसकी तरह न कभी हुई और न सालों तक उसके बाद होगी; पहाड़ों पर सुब्ह — ए — सादिक़ की तरह फैल जाएगी। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस2 ज़ुल्मत और तारीकी का दिन, घने बादलों और घुप अंधेरे का दिन होगा। जिस तरह पौ फटते ही रौशनी पहाड़ों पर फैल जाती है उसी तरह एक बड़ी और ताक़तवर क़ौम आ रही है, ऐसी क़ौम जैसी न माज़ी में कभी थी, न मुस्तक़बिल में कभी होगी। Viz kapitola |