यरमियाह 5:4 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20194 तब मैंने कहा कि “यक़ीनन ये बेचारे जाहिल हैं, क्यूँकि ये ख़ुदावन्द की राह और अपने ख़ुदा के हुक्मों को नहीं जानते। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस4 मैंने सोचा, “सिर्फ़ ग़रीब लोग ऐसे हैं। यह इसलिए अहमक़ाना हरकतें कर रहे हैं कि रब की राह और अपने ख़ुदा की शरीअत से वाक़िफ़ नहीं हैं। Viz kapitola |