क़ुज़ात 9:29 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201929 काश कि यह लोग मेरे क़ब्ज़े में होते, तो मैं अबीमलिक को किनारे कर देता।” और उसने अबीमलिक से कहा, “तू अपने लश्कर को बढ़ा और निकल आ।” Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस29 काश शहर का इंतज़ाम मेरे हाथ में होता! फिर मैं अबीमलिक को जल्द ही निकाल देता। मैं उसे चैलेंज देता कि आओ, अपने फ़ौजियों को जमा करके हमसे लड़ो!” Viz kapitola |