याक़ूब 1:14 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201914 हाँ हर शख़्स अपनी ही ख़्वाहिशों में खिंचकर और फ़ँस कर आज़माया जाता है। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा14 मगर हर शख़्स ख़ुद अपनी ही ख़ाहिशों में खिंच कर और फंस कर आज़माया जाता है। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस14 बल्कि हर एक की अपनी बुरी ख़ाहिशात उसे खींचकर और उकसाकर आज़माइश में फँसा देती हैं। Viz kapitola |