21 एक बक़िया या'नी या'क़ूब का बक़िया ख़ुदा — ए — क़ादिर की तरफ़ फिरेगा।
21 बक़िया वापस आएगा, याक़ूब का बचा-खुचा हिस्सा क़वी ख़ुदा के हुज़ूर लौट आएगा।