इबरानियों 8:4 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20194 अगर यह दुनिया में होता तो इमाम — ए — आज़म न होता, क्यूँकि यहाँ इमाम तो हैं जो शरी'अत के लिहाज़ से नज़राने पेश करते हैं। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा4 और अगर वह ज़मीन पर होता तो हरगिज़ काहिन न होता क्यूंके यहां शरीअत के मुताबिक़ नज़्राने पेश करने वाले का काहिन मौजूद हैं। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस4 अगर यह दुनिया में होता तो इमामे-आज़म न होता, क्योंकि यहाँ इमाम तो हैं जो शरीअत के मतलूबा नज़राने पेश करते हैं। Viz kapitola |