Online Bible

- Reklamy -




इबरानियों 7:11 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 2019

11 अगर लावी की कहानित (जिस पर शरी'अत मुन्हसिर थी) कामिलियत पैदा कर सकती तो फिर एक और क़िस्म के इमाम की क्या ज़रूरत होती, उस की जो हारून जैसा न हो बल्कि मलिक — ए — सिद्क़ जैसा?

Viz kapitola kopírovat

उर्दू हमअस्र तरजुमा

11 पस अगर बनी लावी की कहानत से कामलियत हासिल होती (जिस की बिना पर उम्मत को शरीअत अता की गई थी) तो फिर हारून की मानिन्द के काहिन की बजाय मलिक-ए-सिदक़ के तौर पर एक दूसरे काहिन के बरपा होने की क्या ज़रूरत थी?

Viz kapitola kopírovat

किताब-ए मुक़द्दस

11 अगर लावी की कहानत (जिस पर शरीअत मबनी थी) कामिलियत पैदा कर सकती तो फिर एक और क़िस्म के इमाम की क्या ज़रूरत होती, उस की जो हारून जैसा न हो बल्कि मलिके-सिद्क़ जैसा?

Viz kapitola kopírovat




इबरानियों 7:11

Následuj nás:

Reklamy


Reklamy